मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने शुरू किया बजट भाषण, पढ़ा शेर

जयपुर। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे वित्त वर्ष 2018-19 के लिए अपनी सरकार का पांचवां बजट पेश कर रही हैं। इसी साल राज्य में विधानसभा चुनाव होने हैं इसलिए माना जा रहा है कि यह बजट लोकलुभावन हो सकता है। यह भी माना जा रहा है कि इस बजट का फोकस गुड गवर्नेंस पर रहेगा साथ ही यह किसानों के लिए भी कई सौगातें लेकर आएगा। जानिए और इस बारे में …

सीएम ने बजट भाषण की शुरू आत शेर पढ़कर की

मंजिलें बड़ी जिद्दी होती हैं
हासिल कहां नसीब से होती है
वहां तूफान भी हार जाते हैं
जहां कश्तियां जिद पर होती हैं

बजट की प्रमुख बातें

– हर तबके का विकास करना हमारा लक्ष्य
– मुख्यमंत्री सक्षम योजना से 5 लाख बालिकाओं का फायदा
– सभी विधानसभा क्षेत्रों में सड़कों का निर्माण होगा
– 80 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को रोडवेज में फ्री सफर
– सभी विधानसभा क्षेत्रों में सड़कों का निर्माण होगा।
– नाबार्ड योजना के तहत काम किए जाएंगे।
– नई रेल लाइन जोड़ने की योजना शुरू की जा रही है। यह पश्चिमी राजस्थान के विकास के लिए वरदान।
– जैसलमेर आर बाड़मेर को मुंद्रा पोर्ट से जोड़ा जाएगा।
– ड्राइविंग लाइसेंस, व्हीकल रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया होगी पेपरलैस।
– 13 लाख से ज्यादा युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार के अवसर।
– देश में पहली स्किल यूनिवर्सिटी की स्थापना।
– दिल्ली जाने वालों के लिए बनेगा अंडरपास।
– जयपुर के रामनिवास बाग में बनेगा अंडरपास।
– पुराने जयपुर की लौटेगी रौनिक।
– डार्क जोन वाले जिलों को नदी परियोजना से जोड़ा जाएगा, इसमें दौसा, करौली, सवाई माधोपुर जैसे जिले शामिल।
– अकलेरा में नाली के लिए 10 करोड़।
– द्रव्यवती नदी के रूप का होगा कायाकल्प।

बजट से पहले यह बोले राजेंद्र राठौड़

– संसदीय कार्यमंत्री राजेंद्र राठौड़ ने कहा, यह हमारा अंतिम बजट नहीं है। अगला बजट भी हम ही रखेंगे आौर सीएम राजे के नेतृत्व में ही रखेंगे। उनसे पूछा गया था कि यह सरकार का अंतिम बजट है इसलिसए लोकलुभावन हो सकता है।

बजट से पहले यह बोले मंत्री प्रभुलाल सैनी
– इस बजट में किसानों के लिए ऐतिहासित फैसले सीमए राजे करेंगी। किसान संगठनों के साथ मैराथन बैठकें हुई हैं। राजस्थान मं पानी की कमी है। उम्मीद है कि पानी को लेकर कोई स्कीम बजट में होगी।

– जीएसटी लागू होने के बाद राज्य सरकार का यह पहला बजट है। जीएसटी का असर बजट पर भी रहेगा। टैक्स बढ़ाने या घटाने का अधिकार अब राज्य सरकार के बजाय जीएसटी काउंसिल के पास है। इसलिए यह हिस्सा इस बार बजट में शामिल नहीं होगा।

चार साल में 39% बढ़ा आकार, खर्च हर बार अनुमान से कम
– मौजूदा कार्यकाल में राजे ने पहला बजट एक लाख 31 हजार करोड़ रुपए का पेश किया था। दूसरा बजट एक लाख 37 हजार करोड़, तीसरा एक लाख 71 हजार करोड़ और चौथा एक लाख 81 हजार करोड़ रुपए का पेश किया। तीसरे और चौथे बजट के आकार में उछाल उदय योजना के लिए लिए गए 64 हजार करोड़ रुपए के कर्ज की वजह से था। हालांकि हर बार वास्तविक खर्च बजट अनुमानों से कम रहे। आने वाले वित्त वर्ष के लिए अब तक छत्तीसगढ़, केरल, पश्चिम बंगाल तथा जम्मू-कश्मीर अपना बजट पेश कर चुके हैं। राजस्थान पांचवां राज्य है जो अगले वित्त वर्ष के लिए अपना बजट पेश करेगा।

कमाई का 19% कर्ज और ब्याज में गया

– साल 2013 से 2017 तक राज्य सरकार के स्वयं द्वारा अर्जित राजस्व का 19 प्रतिशत पैसा प्रदेश के कर्ज और उसके ब्याज को चुकाने में खर्च करना पड़ा। इसकी सबसे बड़ी वजह उदय योजना रही। राजस्थान ने अपनी जीडीपी का 8.8 प्रतिशत कर्ज उदय के लिए लिया जो इस योजना में शामिल 19 राज्यों में सबसे ज्यादा था।